पावरप्ले क्या है? वनडे और टी20 में फील्डिंग प्रतिबंधों का पूरा नियम
सीमित ओवरों के क्रिकेट में “पावरप्ले” शब्द बार-बार सुनाई देता है — लेकिन इसका मतलब सिर्फ तेज़ बल्लेबाज़ी नहीं है। पावरप्ले असल में फील्डिंग प्रतिबंधों का दौर होता है, जो बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ दोनों की रणनीति तय करता है। आइए पूरा नियम समझते हैं।
पावरप्ले का मकसद क्या है?
एकदिवसीय क्रिकेट के शुरुआती दौर में टीमें अक्सर धीमी शुरुआत करती थीं और फील्डर पूरे मैदान में फैले रहते थे। खेल को रोमांचक बनाने के लिए ICC ने फील्डिंग प्रतिबंध लागू किए — तय ओवरों में 30 गज़ के घेरे के बाहर सीमित फील्डर ही रह सकते हैं। इससे बल्लेबाज़ों को बड़े शॉट खेलने का मौका मिलता है और दर्शकों को चौके-छक्के देखने को मिलते हैं।
वनडे में पावरप्ले (50 ओवर)
वनडे में पावरप्ले तीन हिस्सों में बंटा है:
- पहला पावरप्ले (ओवर 1–10): 30 गज़ के घेरे के बाहर सिर्फ 2 फील्डर। इस दौरान नई गेंद से तेज़ गेंदबाज़ आक्रमण करते हैं और स्लिप में कैचिंग फील्डर देखे जाते हैं।
- दूसरा पावरप्ले (ओवर 11–40): घेरे के बाहर 4 फील्डर की अनुमति। बल्लेबाज़ी टीम आमतौर पर इस दौर में पारी संभालती है।
- तीसरा पावरप्ले (ओवर 41–50): घेरे के बाहर 5 फील्डर। आखिरी ओवरों में कप्तान बाउंड्री बचाने के लिए गहरी फील्ड सजाता है।
ध्यान रहे: पहले और आखिरी 10 ओवर के अलावा, पावरप्ले-2 के दौरान भी सामान्य फील्डिंग नियम लागू रहते हैं।
टी20 में पावरप्ले (20 ओवर)
टी20 में पावरप्ले सिर्फ पहले 6 ओवर का होता है, जिसमें 30 गज़ के घेरे के बाहर अधिकतम 2 फील्डर रह सकते हैं। बाकी 14 ओवरों में 5 फील्डर बाहर हो सकते हैं। यही वजह है कि टी20 में टीमें पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाज़ी करके बड़ा स्कोर खड़ा करने की कोशिश करती हैं — क्योंकि बाद में फील्ड फैल जाती है।
रणनीति पर असर
- बल्लेबाज़ी टीम: पावरप्ले में विकेट बचाकर तेज़ रन — खासकर टी20 में पहले 6 ओवर मैच का रुख तय कर देते हैं।
- गेंदबाज़ी टीम: पावरप्ले में विकेट लेने वाले गेंदबाज़ (नई गेंद से स्विंग) सबसे कीमती होते हैं। कई कप्तान अपना सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ पावरप्ले के लिए बचाते हैं।
- कप्तानी: फील्ड पोज़िशन की हर गलती पावरप्ले में महंगी पड़ती है, क्योंकि बाउंड्री पर फील्डर कम होते हैं।
निष्कर्ष
पावरप्ले सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि सीमित ओवरों के क्रिकेट की धड़कन है। जो टीम पावरप्ले जीतती है, वह अक्सर मैच की दिशा अपने पक्ष में मोड़ लेती है — इसलिए अगली बार स्कोरकार्ड के साथ पावरप्ले के आंकड़ों पर भी नज़र डालिएगा।