दोस्ती, धर्म की दीवार और सच्चा प्यार: बेहद दिलचस्प है अजीत अगरकर और फातिमा की लव स्टोरी
भारतीय क्रिकेट में शादी और प्यार के कई दिलचस्प किस्से मशहूर हैं। कोई स्पोर्ट्स एंकर के प्यार में क्लीन बोल्ड हुआ, तो किसी ने अपनी बचपन की मोहब्बत को हमसफर बनाया। लेकिन टीम इंडिया के पूर्व स्टार तेज गेंदबाज और मौजूदा चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की प्रेम कहानी इन सबसे जुदा और बेहद मिसाल पेश करने वाली है। अगरकर को न सिर्फ अपने ही साथी क्रिकेटर की बहन से प्यार हुआ, बल्कि इस रिश्ते के आड़े धर्म की एक बड़ी दीवार भी थी। एक तरफ दोस्त की प्रतिक्रिया की फिक्र और दूसरी तरफ एक मुस्लिम लड़की से शादी करने पर समाज और परिवार के तानों का डर। हालांकि, अजीत ने हर मुश्किल को पार करते हुए फातिमा घड़ियाली से शादी की और अपनी मोहब्बत को मुकाम तक पहुंचाया।
दोस्त के जरिए हुई पहली मुलाकात
यह कहानी 1990 के दशक की शुरुआत से शुरू होती है। अजीत अगरकर उस दौरान मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेला करते थे, जहां उनकी गहरी दोस्ती साथी खिलाड़ी मजहर घड़ियाली से हुई। मजहर ने मुंबई के लिए सिर्फ एक फर्स्ट क्लास मैच खेला है, लेकिन वे अजीत की जिंदगी के सबसे बड़े टर्निंग पॉइंट के सूत्रधार बने। मजहर के जरिए ही अजीत की मुलाकात उनकी बहन फातिमा घड़ियाली से हुई। फातिमा अक्सर अपने भाई के साथ अजीत के मैच और अन्य इवेंट्स में आया करती थीं। धीरे-धीरे अजीत और फातिमा की यह जान-पहचान गहरी दोस्ती और फिर अटूट प्यार में बदल गई।
जब आड़े आई धर्म की दीवार
जब दोनों ने शादी करने का फैसला किया, तो राह इतनी आसान नहीं थी। अजीत अगरकर जहां एक पारंपरिक हिंदू पंडित परिवार से ताल्लुक रखते हैं, वहीं फातिमा एक मुस्लिम परिवार से थीं। अलग-अलग धर्म होने के कारण दोनों के परिवारों और समाज की तरफ से विरोध होना लाजिमी था। लेकिन अजीत और फातिमा ने हिम्मत नहीं हारी। दोनों ने सूझबूझ से काम लिया और मिलकर अपने-अपने परिवारों को इस शादी के लिए राजी कर लिया।
साल 2000 में मुंबई की एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजमेंट कंसलटेंट के रूप में काम करने वाली फातिमा और अजीत के अफेयर की चर्चा मीडिया में भी खूब रही। आखिरकार, तमाम अफवाहों और रुकावटों को दरकिनार करते हुए साल 2002 में दोनों हमेशा-हमेशा के लिए शादी के बंधन में बंध गए। उनकी शादी में बेहद करीबी लोगों को ही बुलाया गया था, लेकिन बाद में दिए गए ग्रैंड रिसेप्शन में सचिन तेंदुलकर समेत पूरी भारतीय क्रिकेट टीम शामिल हुई थी।
कैसा रहा अजीत अगरकर का क्रिकेट करियर?
अजीत अगरकर को क्रिकेट फैंस उनकी खतरनाक इनस्विंग गेंदों और निचले क्रम में आकर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने के हुनर के लिए जानते हैं। उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी, सौरव गांगुली और मोहम्मद अजहरुद्दीन जैसे महान कप्तानों के तहत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला।
अजीत अगरकर के करियर के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- अंतरराष्ट्रीय अनुभव: उन्होंने अपने 16 साल लंबे करियर में भारत के लिए 26 टेस्ट, 191 वनडे और 4 टी20 मैच खेलकर कुल 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में देश का प्रतिनिधित्व किया।
- विश्व कप का हिस्सा: अगरकर भारत की तीन वनडे वर्ल्ड कप टीमों का हिस्सा रहे और साथ ही साल 2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के भी सदस्य थे।
- वनडे में ऐतिहासिक रिकॉर्ड: वे वनडे क्रिकेट में भारत के लिए तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उनके नाम 191 मैचों में 288 विकेट दर्ज हैं। इस सूची में उनसे आगे सिर्फ अनिल कुंबले और जवागल श्रीनाथ ही हैं।
साल 1998 में हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच से डेब्यू करने वाले अजीत अगरकर मौजूदा समय में पिछले करीब डेढ़ साल से भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता (Chief Selector) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।