Uncategorized

6.5 फीट की लम्बाई, 150+ की रफ्तार… कौन है ये बांग्लादेश का ‘स्पीड डेमन’ जिसने मचाई सनसनी

इंटरनेशनल क्रिकेट के मंच पर जब भी कोई गेंदबाज अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा करता है, तो क्रिकेट की दुनिया उसे एक नया सितारा मान लेती है. आज कुछ ऐसा ही नजारा जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में देखने को मिला, जहां बांग्लादेश क्रिकेट टीम के नए सनसनीखेज तेज गेंदबाज, नाहिद राणा, ने अपनी कातिलाना रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजी क्रम की धज्जियां उड़ा दीं.

तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले ही मुकाबले में 23 वर्षीय युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा (Nahid Rana) ने वह कर दिखाया, जिसने दुनिया भर के दिग्गज बल्लेबाजों को चेतावनी दे दी है. नाहिद ने अपनी घातक और डरावनी रफ्तार के दम पर जिम्बाब्वे को महज 141 रनों पर समेट दिया. राणा ने अपने कोटे के ओवरों में कहर बरपाते हुए 21 रन देकर 6 विकेट चटकाए, जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.

चपाई नवाबगंज की गलियों से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
नाहित राणा की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. 2 अक्टूबर 2002 को बांग्लादेश के एक ग्रामीण जिले चपाई नवाबगंज में जन्मे इस गेंदबाज को शुरुआती दिनों में किसी औपचारिक कोचिंग का सहारा नहीं मिला. 6 फीट 5 इंच के लंबे-चौड़े कद और मजबूत शारीरिक बनावट वाले राणा के पास जन्मजात रूप से एक बेहद तेज आर्म-एक्शन (गेंद फेंकने की कला) था. उनकी यह लंबाई और एक्शन किसी भी सपाट पिच पर अतिरिक्त और असहज करने वाला बाउंस पैदा करने के लिए काफी था. यही वजह थी कि प्रांतीय स्काउट्स की नजर उन पर बहुत जल्दी पड़ गई.

उपमहाद्वीप के अधिकांश क्रिकेटरों की तरह, राणा का बचपन भी टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते हुए बीता. उन्होंने अपने शुरुआती जीवन में सिर्फ भारी टेप लिपटी हुई टेनिस बॉल से स्थानीय ‘गली क्रिकेट’ खेला था. हैरान करने वाली बात यह है कि साल 2020 के अंत तक, जब उन्होंने अपनी हायर सेकेंडरी स्कूल (12वीं) की पढ़ाई पूरी कर ली थी, तब तक उन्होंने असली लेदर की क्रिकेट बॉल को हाथ तक नहीं लगाया था.

घरेलू क्रिकेट में मची सनसनी और फ्रेंचाइजी का सफर

राणा के भीतर छुपी इस अनकही रफ्तार को राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने भांप लिया था. वे जानते थे कि टेनिस बॉल से लगातार गेंदबाजी करने पर चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए उन्होंने व्यवस्थित तरीके से राणा को टेनिस बॉल सर्किट से दूर किया और उन्हें लेदर बॉल से पेशेवर ट्रेनिंग देना शुरू किया. साल 2021 में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में डेब्यू करने वाले नाहिद राणा ने राजशाही डिवीजन के लिए अपना पहला प्रथम श्रेणी मैच खेला. उन्होंने नेशनल क्रिकेट लीग में शानदार गेंदबाजी करते हुए 32 विकेट चटकाए और टूर्नामेंट के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बने.

50+ किमी/घंटा की रफ्तार: दुनिया के लिए नया खतरा
वर्तमान समय में नाहिद राणा को दुनिया के सबसे तेज सक्रिय गेंदबाजों में से एक माना जाता है. वे बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के लगातार 145 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं. इससे पहले पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ अपने शुरुआती टेस्ट मैचों के दौरान उन्होंने 152 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंककर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी थी. उनकी इस गति ने दुनिया के कई विश्व स्तरीय बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था.

नाहिद राणा ने हरारे में फेंके ऐतिहासिक स्पेल
आज जिम्बाब्वे के खिलाफ नाहिद राणा ने अपनी गेंदबाजी का एक ऐसा मास्टरक्लास पेश किया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा. उन्होंने बेहद अनुशासित गेंदबाजी की और मेजबान टीम के बल्लेबाजों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया. उन्होंने 10 ओवर में 2 ओवर मेडन रखते हुए 21 रन खर्च करते हुए 6 विकेट लिए. राणा ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले सिकंदर रजा जैसे बड़े बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया. उन्होंने अपने इस स्पेल के दौरान शॉर्ट-पिच तीखी गेंदों और पैर की उंगलियों को निशाना बनाने वाली खतरनाक यॉर्कर गेंदों का बेहतरीन मिश्रण किया. यह इस कैलेंडर वर्ष में राणा का तीसरा पांच विकेट हॉल (एक मैच में 5 या उससे ज्यादा विकेट) था.

tyagishahzeb@gmail.com

Staff writer.

Related Stories

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *