सीरीज 2-2: बेंगलुरु में निर्णायक मुकाबला — होप की फॉर्म बनाम भारत की वापसी
हैदराबाद में 24 रन की जीत के साथ वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज 2-2 से बराबर कर ली। अब सब कुछ 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में होने वाले पांचवें और निर्णायक T20I पर टिका है।
1. बेंगलुरु: सीरीज का फैसला
एक ही मैच बचा है — जीतो और सीरीज अपने नाम करो। भारत के लिए यह घरेलू मैदान पर साख का सवाल है, जबकि वेस्टइंडीज के पास 2019 के बाद भारत में सीरीज जीतने का ऐतिहासिक मौका है। इस दौरे के हाई-स्कोरिंग रुझान (चारों मैचों में 200+ के स्कोर) को देखते हुए निर्णायक मुकाबला एक और रन-फेस्ट हो सकता है।
2. होप बनाम भारतीय गेंदबाजी
शाई होप इस सीरीज के नायक हैं — रांची में नाबाद 102 (45 गेंद), हैदराबाद में नाबाद 102 (50 गेंद), बीच में इंदौर में सिर्फ 5 रन पर आउट। अर्शदीप ने इंदौर में उन्हें दूसरे ही ओवर में निपटाया था — बेंगलुरु में भारत की योजना फिर उसी के इर्द-गिर्द घूमेगी।
3. ओपनर की दौड़: सैमसन बनाम अभिषेक
रांची में सैमसन की 82, इंदौर में अभिषेक की 69, हैदराबाद में फिर सैमसन की तूफ़ानी 56 (23 गेंद) — दोनों ओपनरों ने बारी-बारी से चयनकर्ताओं के सामने दावा पेश किया है। निर्णायक मैच में जो चमकेगा, वही आगे की दौड़ में आगे रहेगा।
4. कीमो पॉल: निर्णायक मैच के X-फैक्टर
हैदराबाद में 5/41 लेकर पॉल ने साबित किया कि वह सिर्फ पारी के अंत के गेंदबाज नहीं हैं — उन्होंने सैमसन-किशन को एक ही ओवर में आउट कर भारत की रफ्तार तोड़ दी थी। बेंगलुरु में उनका स्पैल मैच का रुख तय कर सकता है।
5. भारत के लिए चिंता के बिंदु
मध्यक्रम की निरंतरता (इंदौर और हैदराबाद दोनों में शुरुआत का फायदा पूरी तरह नहीं उठा), डेथ ओवरों की गेंदबाजी (रांची में 250 और हैदराबाद में 247 का बचाव नहीं), और नई गेंद से शुरुआती विकेटों की कमी — हैदराबाद में वेस्टइंडीज का पावरप्ले 79/1 रहा, भारत के खिलाफ उनका सबसे बड़ा; बेंगलुरु में शुरुआती सफलता ज़रूरी होगी।
नज़र रखने लायक: टॉस का रुझान (इस दौरे पर पीछा करने वाली टीम का दबदबा), तिलक वर्मा-नितीश रेड्डी की फिनिशिंग फॉर्म, और रोस्टन चेज़ की भूमिका — सैमी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनका बचाव किया था, पर हैदराबाद में वह फिर खामोश रहे।