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ये हैं क्रिकेट इतिहास के 7 सबसे अनोखे और विवादित बैट

क्रिकेट की दुनिया में रोमांचक मैच और शानदार रिकॉर्ड के साथ-साथ विवाद भी सुर्खियों में रहते हैं. खिलाड़ियों को बीच कहासुनी से लेकर खेल के नियम और अंपयारिंग तक तमाम बातें अक्सर विवाद का हिस्सा बन जाती हैं. क्रिकेट के इतिहास में कई बार बल्लेबाज के बैट को लेकर भी विवाद हुए हैं. आज हम इन्ही विवादों के बारे में बात करने जा रहे हैं.

थॉमस व्हाइट मॉन्सटर बैट

यह बल्ला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत से पहले सुर्खियों में आया था. इस बल्ले का इस्तेमाल क्रेस्टी और हेंबलटन टीमों के बीच खेले गए मुकाबले में किया गया था. क्रिस्टी के बल्लेबाज थॉमस व्हाइट का बल्ला इतना चौड़ा था कि बल्लेबाज को आउट करना काफी मुश्किल था. इस बल्ले को देखने के बाद ही बल्ले के आकार को लेकर नियम बनाए गए कि बल्ला इस सीमित आकार से बड़ा नहीं होना चाहिए.

डेनिस लिली का एल्यूमीनियम बैट

साल 1979 में खेली गई ऐशेज सीरीज के दौरान विवाद बल्ले को लेकर विवाद तब उठा जब ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज डेनिस लिली मैदान पर एल्यूमीनियम का बल्ला लेकर उतरे. इससे कुछ दिन पहले भी वह वेस्टइंडीड के खिलाफ इसी बल्ले को लेकर बल्लेबाजी करने उतरे थे जिससे गेंद खराब हो रही थी. ऐसे में इंग्लैंड के कप्तान ने उनके इस बल्ले के इस्तेमाल का विरोध किया. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा कप्तान ग्रेग चैपल ने उन्हें लकड़ी का बल्ला खेलने के लिए दिया तब यह विवाद थमा.

क्रिस गेल का गोल्डन बैट

बिग बैश लीग में खिलाड़ियों के रंगीन बल्ले इस्तेमाल करने की अनुमति है. इसी अनुमति के तहत बिग बैश के पिछले सीजन में वेस्टइंडीज के धमाकेदार बल्लेबाज क्रिस गेल ने इस्तेमाल किया था. वह रंगीन बैट का इस्तेमाल करने वाले पहले खिलाड़ी थे. गेल इस बल्ले से विराधी टीमों का तेल नहीं निकाल सके जिसके लिए उन्हें जाना जाता है लेकिन इस बल्ले के कारण बहुत विवाद हुआ था. इस विवाद के बाद भी कई अन्य खिलाड़ी रंगीन बल्ले से खेले. आंद्रे रसेल के बल्ले और गेल के बल्ले की निर्माता कंपनी ऑस्ट्रेलिया की स्पार्टन ही है.

मैथ्यू हेडेन का मंगूस बैट

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर मैथ्यू हेडेन ने इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में मंगूस बैट का इस्तेमाल किया था. ये बल्ला पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले बल्ले जैसा ही था लेकिन इसका हैंडिल बैट के हिट करने वाले हिस्से से ज्यादा बड़ा था. इस बल्ले का इस्तेमाल हेडेन ने इसलिए किया था क्योंकि इसपर लगकर गेंद ज्यादा तेजी से जाती है. हेडेन ने इस बल्ले से खेलते हुए एक पारी में 43 गेंदों में 93 रन बना दिए. लेकिन यह बल्ला अप्रत्याशित सफलता अर्जित नहीं कर सका. खिलाड़ियों ने इस बल्ले से खेलने से इंकार कर दिया.

रिकी पॉन्टिंग का ग्रेफाइट वाला बैट

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने साल 2004 में इस बल्ले का इस्तेमाल किया था. बैट की निर्माता कंपनी कोकोबुरा ने इसमें कार्बन ग्रेफाइट की परत लगाई थी. इस बल्ले का इस्तेमाल करते हुए पॉन्टिंग ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट में दोहरा शतक जड़ दिया था. लोगों द्वारा आपत्ति दर्ज करने के बाद एमसीसी ने बल्ले की जांच की. जांच में पाया गया कि इस बल्ले से खेलने पर बल्ले बाज को फायदा होता है. इसके बाद एमसीसी ने इस बल्ले के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई. पॉन्टिंग को फिर से पारंपरिक बल्ले से खेलने को कहा.

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आंद्रे रसेल का काला बैट

वेस्टइंडीज के ऑल राउंडर और आक्रामक बल्लेबाज आंद्रे रसेल जब बिन बैश लीग के हालिया सीजन में काला बल्ला लेकर उतरे तो इस बल्ले को लेकर विवाद हो गया. आयोजकों का मानना था कि बल्ले का रंग गेंद के रंग को प्रभावित कर रहा है जो कि आईसीसी के नियमों के अनुकूल नहीं है.

tyagishahzeb@gmail.com

Staff writer.

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