बेकार गया रोहित का शतक, भारत तीसरा वनडे 27 रन से हारा, इंग्लैंड ने 2-1 से जीती सीरीज़
लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे में इंग्लैंड ने भारत को 27 रन से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। 388 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम रोहित शर्मा के शानदार शतक के बावजूद 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 360 रन ही बना सकी।
सीरीज का सफर: बढ़त से हार तक
इस वनडे सीरीज का आगाज भारत के लिए बेहद शानदार रहा था।
- पहला वनडे: भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट से जीत दर्ज की।
- दूसरा वनडे: इंग्लैंड ने जोरदार वापसी की और 4 विकेट से मुकाबला जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर कर दी।
- तीसरा वनडे: लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने बाजी मारते हुए ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया।
इंग्लैंड का रनों का पहाड़: डकेट का शतक और अंत में धमाका
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद मजबूत रही। इंग्लिश ओपनर्स ने भारतीय गेंदबाजों को हावी होने का कोई मौका नहीं दिया और पहले 30 ओवरों में ही बिना कोई विकेट गंवाए 192 रन जोड़ दिए।
- शुरुआती 30 ओवर: इंग्लैंड ने नियंत्रित और आक्रामक खेल दिखाते हुए मजबूत नींव रखी।
- डेथ ओवरों का तूफान: आखिरी 10 ओवरों में इंग्लिश बल्लेबाजों ने तबाही मचाते हुए सिर्फ 2 विकेट खोकर 126 रन कूट डाले।
इंग्लैंड की ओर से बेन डकेट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 135 गेंदों पर 141 रनों की शतकीय पारी खेली। उनका बखूबी साथ दिया जैकब बेथेल ने, जिन्होंने 91 रन बनाए। इसके अलावा अनुभवी जो रूट ने 74 रन और कप्तान जोस बटलर ने नाबाद 41 रनों का योगदान दिया, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने 50 ओवर में 3 विकेट पर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 और प्रिंस यादव ने 1 विकेट हासिल किया, जबकि गुरनूर बराड़ काफी महंगे साबित हुए।
भारत का जवाब: रोहित का जुझारू शतक, लेकिन अंत में लड़खड़ाई टीम
388 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने सधी हुई शुरुआत की।
- शुरुआती फेज (1-20 ओवर): भारत ने बिना कोई विकेट खोए 109 रन बनाए, लेकिन रन गति थोड़ी धीमी रही।
- मिडिल ओवर (21-40 ओवर): रोहित शर्मा, शुभमन गिल (77 रन) और विराट कोहली (74 रन) के बीच उपयोगी साझेदारियां हुईं, जिससे भारत मैच में बना रहा।
- आखिरी 10 ओवर: जब तेज तर्रार रनों की जरूरत थी, तब भारतीय मध्यक्रम पूरी तरह लड़खड़ा गया। टीम ने अंतिम 10 ओवरों में 93 रन बनाने के चक्कर में अपने 5 अहम विकेट गंवा दिए।
कप्तान रोहित शर्मा ने मोर्चे से अगुवाई करते हुए 110 गेंदों पर 138 रनों की जुझारू शतकीय पारी खेली, लेकिन निचले क्रम से मजबूत सहारा न मिलने के कारण टीम लक्ष्य से 27 रन दूर रह गई।
इंग्लैंड की ओर से सैम करन सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 महत्वपूर्ण झटके दिए। वहीं जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद और जैकब बेथेल को 1-1 सफलता मिली।