क्रिकेट के गलियारों में इस समय एक ही सवाल गूंज रहा है-क्या भारतीय क्रिकेट को टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव का इंटरनेशनल करियर वाकई ख़त्म हो चुका है? इस सुलगते सवाल पर अब टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने चुप्पी तोड़ी है। अश्विन का मानना है कि ‘मिस्टर 360 डिग्री’ को टीम से बाहर किए जाने के बावजूद उनके करियर पर पूर्णविराम नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि जो अनुभवी खिलाड़ी अपनी फॉर्म दोबारा हासिल कर लेते हैं, उनके लिए भारतीय टीम के दरवाजे कभी बंद नहीं होने चाहिए।
कप्तानी छिनी, टीम से हुए बाहर और फिर… शुरू हुआ हार का ‘खौफनाक’ दौर
यह भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा विरोधाभास है। गौर करने वाली बात है कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में ही भारत ने साल 2025 में एशिया कप और उसके बाद साल 2026 में टी20 वर्ल्ड कप का ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया था। लेकिन किस्मत का खेल देखिए, इसी सुनहरे दौर में उनके बल्ले से रनों का सूखा देखने को मिला। नतीजा यह हुआ कि वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान को अचानक कप्तानी से हटाकर श्रेयस अय्यर को नया कमांडर नियुक्त कर दिया गया।
लेकिन सूर्या के हटते ही भारतीय टी20 टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। यूनाइटेड किंगडम (UK) के दौरे पर टीम इंडिया को आयरलैंड से 0-2 और इंग्लैंड से 0-4 से ऐसी करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, जिसने फैंस और सिलेक्टर्स दोनों के होश उड़ा दिए हैं।
अपने यूट्यूब चैनल पर बेबाकी से बोले अश्विन: “वापसी की राह आसान नहीं”
अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए अश्विन ने सूर्या की वापसी के समीकरणों को बेहद बेबाकी से डिकोड किया। अश्विन ने कहा:
“वह अब कहां खेलेंगे? अगर वे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बेहतरीन फॉर्म दिखाते हैं, तो निश्चित रूप से वापसी कर सकते हैं, क्यों नहीं? फिलहाल कप्तानी में उनकी वापसी मुश्किल है, लेकिन उन्हें एक शुद्ध बल्लेबाज के रूप में जगह बनानी चाहिए। उनके पास अब दो बड़े मंच हैं—पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और फिर आईपीएल में असाधारण प्रदर्शन। हम किसी के लिए दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं कर सकते। लेकिन हां, जिस तरह से उन्हें अचानक टीम से हटाया गया, मुझे उनकी वापसी पर थोड़ा संदेह जरूर है।”
टीम इंडिया में अब भी है सूर्या की जरूरत, क्या सिलेक्टर्स मानेंगे अपनी गलती?
क्रिकेट पंडितों और आंकड़ों की मानें तो मौजूदा भारतीय टी20 प्लेइंग-11 में सूर्यकुमार यादव की जगह बिल्कुल खाली नजर आती है। हालिया इंग्लैंड और आयरलैंड दौरों पर टीम इंडिया की दो सबसे बड़ी कमजोरियां उजागर हुईं:
- भारतीय बल्लेबाजों का स्पिनर्स के खिलाफ बुरी तरह संघर्ष करना।
- बैटिंग ऑर्डर में जरूरत से ज्यादा बाएं हाथ के (Left-handed) बल्लेबाजों की भरमार होना।
मुंबई इंडियंस के स्टार खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव तकनीकी रूप से इन दोनों ही समस्याओं को चुटकियों में हल करने का दम रखते हैं। हालांकि, जैसा कि अश्विन ने हिंट दिया, सूर्या की वापसी कोई ‘सीधी अदला-बदली’ जैसी आसान नहीं होगी, क्योंकि उनकी जगह नए कप्तान श्रेयस अय्यर खेल रहे हैं। अब सिलेक्टर्स को मजबूर करने के लिए सूर्या को घरेलू सर्किट या आईपीएल में कुछ ऐसी जादुई पारियां खेलनी होंगी, जिससे वे नंबर 3 या नंबर 5 की पोजीशन पर अपनी दावेदारी ठोक सकें। क्या सूर्या इस चुनौती को पार कर पाएंगे? नजरें अब घरेलू सीजन पर टिकी हैं।

